Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
ये लकà¥à¤·à¤£ हैं इस बात का संकेत, आपके शरीर में बढ़ गई है कफ की मातà¥à¤°à¤¾
à¤à¥‚ख कम लगना, अधिक नींद आना, जी मिचलाना इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ चीजें à¤à¤• साथ हो रही हों तो समठजाà¤à¤‚ कि शरीर में कà¥à¤› गड़बड़ हो रही है. ये संकेत शरीर में कफ बढ़ने के कारण मिलते हैं. जानें इसका इलाज कà¥à¤¯à¤¾ है.
हर समय थकान रहने की वजह
कफ की बात होती है तो हम सà¤à¥€ के दिमाग में पहला खà¥à¤¯à¤¾à¤² खांसी और बलगम का आता है. हालांकि कफ का अरà¥à¤¥ इससे कहीं अधिक विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ है. आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शरीर में तीन मà¥à¤–à¥à¤¯ दोष होते हैं, वात-पितà¥à¤¤ और कफ. इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ से मिलकर शरीर बना होता है. à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शरीर के लिठइन तीनों ही दोषों का संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ होना जरूरी होता है. यदि कोई à¤à¤• à¤à¥€ दोष बढ़ या घट जाता है तो हम बीमार हो जाते हैं. आज यहां ये जानें कि शरीर में कफ बढ़ जाने के लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं और जब आपको पता चल जाठकि शरीर में कफ बढ़ रहा है तो आपको कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤.
कफ बढ़ने पर कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
आपको हर समय नींद आने जैसा महसूस होता है या फिर आपको बहà¥à¤¤ अधिक नींद आती है.
हर समय सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ और आलसà¥à¤¯ बना रहता है.
शरीर में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ बना रहना.
सांस से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होना या खांसी रहना.
आंखों से और नाक से सामानà¥à¤¯ से अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में गंदगी आना.
मल-मूतà¥à¤° और पसीने में चिपचिपापन.
तà¥à¤µà¤šà¤¾ में चिपचिपाहट के साथ खिंचाव महसूस होना, जैसे कोई लेप लगा हो.
à¤à¥‚ख कम लगना.
पेट फूलना और हेवीनेस रहना.
लार अधिक बनना.
डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ संबंधी लकà¥à¤·à¤£ हावी होना. जैसे- निराशा, किसी काम में मन ना लगना और गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ आना इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿.
कफ को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रखने की विधि
आपको अपने शरीर में कफ बढ़ने के लकà¥à¤·à¤£ दिखाई दें तो आपको अपनी जीवन शैली में तà¥à¤°à¤‚त कà¥à¤› बदलाव करने चाहिà¤, इनसे आपको बहà¥à¤¤ लाठहोगा. इन बदलावों में खान-पान और दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में परिवरà¥à¤¤à¤¨ शामिल हैं.
ये चीजें खाà¤à¤‚
आपको बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस, राई, साबà¥à¤¤ अनाज जैसे मकà¥à¤•ा और बाजरा, गेहूं इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ का सेवन करना चाहिà¤.
शिमला मिरà¥à¤š, पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€, आलू, मटर, चà¥à¤•ंदर, बीनà¥à¤¸ और बà¥à¤°à¥‹à¤•ली खानी चाहिà¤.
à¤à¥‹à¤œà¤¨ को सरसों के तेल या जैतून के तेल में पकाना है.
दूध से बने पà¥à¤°à¥‰à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ में छाछ और पनीर का सेवन अधिक करना है.
सà¤à¥€ तरह की दालें खानी हैं लेकिन इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बनाने से 8 घंटे पहले à¤à¤¿à¤—ोया गया हो.
पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ शहद का सेवन आपके लिठअधिक फायदेमंद रहता है.
इन चीजों को ना खाà¤à¤‚
खीरा, à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो, टमाटर और शकरकंद का सेवन आपको नहीं करना है. इनसे शरीर में कफ बढ़ता है.
मैदा से बनी चीजों का सेवन ना करें, नहीं तो शरीर में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ और आलस अधिक बढ़ सकता है.
आम, तरबूज, अंजीर, खजूर और केला इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ फल आपको नहीं खाने हैं.
लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² में बदलाव
आप सà¥à¤¬à¤¹ के समय हलà¥à¤•े गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से नहाà¤à¤‚.
शरीर पर सरसों तेल से मालिश जरूर करें.
रोज कà¥à¤› समय हलà¥à¤•ी धूप में जरूर टहलें.
शारीरिक रूप से सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहें. चलना, दौड़ना, टहलना और खेलना इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ जरूर करें.
देर रात तक ना जागें
| --------------------------- | --------------------------- |